News from - Ratan kumar
जयपुर। पशुपालन विभाग में कुछ अव्यावहारिक नवाचारों के कारण विगत 6 माह से भय का वातावरण बना हुआ है जिससे विभाग के अधिकारियों/ कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। शासन द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से दैनिक उपस्थिति दर्ज करवाने का अव्यावहारिक निर्णय लिया गया था। विभाग द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति के नाम पर कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दैनिक उपस्थिति दर्ज करवाने के संबंध में प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय जोधपुर में विचाराधीन भी है। शासन द्वारा बलपूर्वक व्यवस्था को लागू करने के उद्देश्य से विभाग के लगभग 30 निर्दोष कार्मिकों को अकारण निलंबित कर दिया गया और विभाग के कर्मचारियों में तनाव उत्पन्न कर दिया।
महिला पशुधन निरीक्षकों को वीडियो कॉल के माध्यम से उपस्थिति हेतु बाध्य किया जा रहा है, जो महिलाओं की निजता पर हमला है। राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ, महासंघ का प्रमुख घटक संगठन है। व्यावहारिक नवाचारों के कारण पशुपालन विभाग के निर्दोष कार्मिकों को पर हो रही दमनात्मक कार्रवाई के संबंध में महासंघ की जिला शाखा, जयपुर ने विरोध प्रदर्शन कर, जिला कलेक्टर जयपुर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री महोदय, राजस्थान सरकार एवं मुख्य सचिव महोदय राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिला अध्यक्ष महेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि सरकार द्वारा कार्मिकों पर तानाशाही महासंघ बर्दाश्त नहीं करेगा और अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी सहित महासंघ सरकार के हर प्लेटफार्म पर कार्यों का बहिष्कार करेगा, जिसमें प्रथमतया:26 मार्च से फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम में आनलाइन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया यदि सरकार इन कर्मचारियों को बहाल नहीं करती है तो जल्द ही आन्दोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। आज के प्रदर्शन कार्यक्रम में महासंघ के पटवार संघ, ग्रामसेवक संघ, पशुपालन कर्मचारी संघ, शिक्षक संघ, आयुर्वेद परिचारक संघ, आयुर्वेद नर्सेज संघ, आवासन मंडल, बीमा कर्मचारी संघ, कानूनगो संघ, नल मजदूर संघ, सहायक कर्मचारी संघ, मंत्रालयिक कर्मचारी संघ, कृषि विभाग का कर्मचारी संघ , नर्सेज संघ के पदाधिकारी मोजूद रहे।